Monday, 29 May 2017

shabbash

कमजोर तब रुकते है जब वे थक जाते है,
और विजेता तब रुकते है जब वे जीत जाते है

चंडीगढ़ की इन जुड़वा बहनों के CBSE रिज़ल्ट भी जुड़वा आए हैं, एक के 98.6% तो दूसरी के 98.4%

चंडीगढ़ की रहने वाली नेहा और तान्या गोयल जुड़वा हैं. बचपन से लोग उनमें कई समान्ताएं खोजते आए हैं, उनके कपड़ों से लेकर हेयरस्टाइल तक, लोग सब पर गौर करते हैं. नेहा, तान्या से तीन मिनट बड़ी हैदोनो की समानताओं का अंदाज़ा आप इस बात से लगा सकते हैं कि इन जुड़वा लड़कियों के नंबर भी कुछ-कुछ जुड़वा हैं. जहां नेहा गोयल के 98.6% आए हैं वहीं तान्या के 98.4% आए हैं. ये नंबर देख कर जहां बाकी के लोग चौक गए, वहीं इन दोनों बहनों के लिए ये आम बात है. रिज़ल्ट पर नेहा ने कहा कि ये तो हमेशा होता है, वहीं तान्या ने चुटकी लेते हुए कहा कि, 'हम में कुछ असमानताएं हैं, पर अंत में हम हैं तो एक-दूसरे से जुड़े हुए ही.
IAS आॅफ़िसर्स की ये दोनों बेटियां एक साथ पढ़ती हैं. दोनों में बचपन से आगे निकलने का कॉम्पटीशन रहा है. और बहनों की तरह ये भी आपस में छोटी-छोटी बातों पर लड़ती हैं, लेकिन ये महज प्यार की लड़ाई होती है.

शक्ल एक है, पर शैक अलग!

ये दोनों रोज़ 10 से 12 घंटे पढ़ती थीं. जहां नेहा पढ़ाई का सब काम ख़त्म करके बाहर निकलने की सोचती थी, वहीं तान्या हर थोड़ी देर में एक ब्रेक लेती थी, जिससे वो पढ़ाई में मन लगा सके. तान्या को डांस करना पसंद है तो नेहा को साइकिलिंग और किताबें पढ़ना. इसके अलावा दोनों को कपिल शर्मा का शो देखना पसंद है.

दोनों का एक है सपना

भवन विद्यालय चंडीगढ़ की ये दोनों छात्राएं दिल्ली के श्री राम कॉलेज आॅफ़ कॉमर्स से B.Com Honours करना चाहती हैं और उसके बाद अपने मां-बाप के नक्शे कदम पर चलते हुए सिविल सर्विस की तैयारी करना चाहती हैं.
पाकिस्तान से निपट रही भारतीय सेना की नजर चीन पर भी !!!

पाकिस्तान से सटी 778 किमी. लंबी लाइन ऑफ कंट्रोल पर भारतीय सेना इस वक्त अपना पूरा जोर लगा रही है। पड़ोसी मुल्क की ओर से पैदा की जा रहीं मुश्किलों से निपटने में सेना पूरी ताकत के साथ जुटी है। हालांकि, उसकी नजरें चीन पर भी है। चीन से सटी लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर भी अपनी पैठ मजबूत कर रही है।

लगभग 13 लाख संख्याबल वाली भारतीय सेना ने उत्तरी सीमाओं के पास फंड की कमी के बावजूद अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। चीन की सीमाओं से सटे इस क्षेत्र में सेना ने माउंटेन स्ट्राइक कॉर्प्स के दूसरे डिविजन को सक्रिय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। वहीं लद्दाख में इस साल के अंत तक युद्ध अभ्यास की भी योजना है। सेना से जुड़े उच्चस्तरीय सूत्रों ने अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया, '72 इनफेंट्री डिविजन जिसका हेडक्वॉर्टर पठानकोट में है, को अगले 3 सालों में पूरी तरह से ऑपरेशनल बनाया जाएगा।'

'फिलहाल शुरुआत में इसमें 1 ही ब्रिगेड है, लेकिन तीन साल में जब 72 इनफेंट्री डिविजन पूरी तरह से ऑपरेशनल हो जाएगा तो इसमें 3 ब्रिगेड होंगे। अगले 3 सालों में ऐसा होने की संभावना है।' 17 माउंटेन स्ट्राइक कॉर्प्स का विस्तार सेना ने जनवरी 2014 में ही शुरू किया है। चीन ने खिलाफ यह पहली बार किया जा रहा है। इससे पहले तक, सेना के तीन स्ट्राइक कॉर्प्स का इस्तेमाल मुख्य तौर पर पाकिस्तान के खिलाफ ही किया जाता रहा है।

आर्मी चीफ बिपिन रावत ने पूर्व में अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को इस बारे में जानकारी दी थी। रावत ने बताया था कि 17 कॉर्प्स में दो उच्च स्तरीय इन्फेंट्री डिविजन होंगे। साथ ही तोपखाने, बख्तरबंद, एयर डिफेंस, इंजिनियर ब्रिग्रेड से लैस इसका विस्तार लद्धाख से अरुणाचल प्रदेश तक किया जाएगा। आर्मी चीफ के अनुसार, 'इसके लिए 90,274 सैनिकों को तैनात किया जाएगा। 2021 तक इस प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाएगा, जिसमें 64,678 करोड़ रुपए की लागत आएगी।'

Sunday, 28 May 2017

विश्व के एकमात्र तीन सगे भाई जो अपने देश की आजादी के लिए 12 सालों से ज्यादा समय तक जेल में रहे


विश्व के एकमात्र तीन सगे भाई जो अपने देश की आजादी के लिए 12 सालों से ज्यादा समय तक जेल में रहे ....उस मां को नमन जिसने ऐसे 3 महान सपूतों को जन्म दिया ...नारायण राव सावरकर ...गणेश राव सावरकर... विनायक दामोदर सावरकर
सावरकर विश्व के एकमात्र व्यक्ति थे जिन्होंने बैरिस्टर की पूरी पढ़ाई करने के बाद पूरा एग्जाम देने के बाद भी अंग्रेजों ने उन्हें बैरिस्टर की डिग्री नहीं दी... सोचिए अंग्रेजो ने जवाहरलाल नेहरू से लेकर सबको बैरिस्टर की डिग्री दी सिर्फ विनायक दामोदर सावरकर को बैरिस्टर की डिग्री नहीं दिया गया
विनायक दामोदर सावरकर विश्व के एकमात्र ऐसे व्यक्ति थे जिन्हें ब्रिटिश सरकार ने बकायदा राजपत्र निकाल कर उन्हें ब्रिटिश साम्राज्य का सबसे खतरनाक दुश्मन घोषित किया था विनायक दामोदर सावरकर विश्व के एकमात्र ऐसे व्यक्ति थे जिनकी किताब जो 1857 की क्रांति पर लिखी थी उसे पूरा लिखने व प्रकाशित होने के पहले ही अंग्रेजों ने प्रतिबंधित कर दिया था और हां विनायक दामोदर सावरकर विश्व के एकमात्र ऐसे क्रांतिकारी थे जिन्होंने अपने देश की आजादी के लिए सर्वोच्च निछावर करने और 14 वर्षों तक काले पानी की सजा भुगतने के बाद भी आजादी के बाद उन्हें आजाद देश की सरकार ने ना कोई सम्मान दिया बल्कि उन्हें आजादी के बाद भी जेल में जाना पड़ा

Thursday, 25 May 2017

पेंड्रा के छात्र ने गांव का नाम किया रौशन, रिसर्च के लिए जाएंगे जापान ...

बिलासपुर के पेंड्रा के गरीब परिवार के लड़के आदित्य गुप्ता की प्रतिभा देश से बाहर तक चर्चित हो गई है. आदित्य द्वारा इन्सपायर विज्ञान प्रदर्शनी में थर्मल एसी को दसवां स्थान मिलने का बाद जापा न ने उसे रिसर्च के लिए बुलाया है. आदित्य 25 मई को पेड्रा से दिल्ली जाएंगे और 27 मई को जापान के लिए रवाना होंगे.आदित्य ने उस कहावत को साबित किया है. कि सोच ऊंची और इरादे बुलंद हो तो इंसान कुछ भी हासिल कर सकता है.

कैसे हुए आदित्य का चयन
11वीं में पढ़ने वाले आदित्य के थर्मल एसी का चयन राज्य स्तर पर हुआ और उसके बाद उसका चयन इंसपायर अवार्ड प्रदर्शनी दिल्ली में हुआ. जिसमें देशभर के 600 मॉडल में आदित्य को 10वां स्थान मिला है. उसके द्वारा बनाये गये मॉडल की जमकर प्रशंसा हो रही है.

कैसे काम करता है थर्मल एसी 
आदित्य द्वारा बनाए गये थर्मल एसी जमीन के तापमान से कमरे के तापमान को ठंडा करता है. आदित्य ने इस प्रोजेक्ट को अपनी गुरुजनों की मदद से तैयार किया है. 

आदित्य के परिजन इस उपलब्धी से बेहद खुश है. परिवार के लोगों का कहना है कि वे मध्यम वर्गीय परिवार से आते है. जहां सिर्फ बड़े सपने देखे जा सकते है. और सीमित संसाधन में आदित्य ने जो मॉडल बनाया है और जापान में रिसर्च के लिए बुलावा आने से पूरा परिवार बेहद खुश है.आदित्य का कहना है कि वे डॉक्टर बनना चाहते है. ताकि लोगों का इलाज किया जा सके इसके साथ ही वे मेडिकल रिसर्च करना चाहेंगे
 ट्विटर इंडिया का प्रमुख राहिल एक कश्मीरी मुस्लिम है जो सिर्फ राष्ट्रवादी लोगों हिंदूवादी लोगों का ही अकाउंट सस्पेंड करता है.....
ट्विटर पर भारत की पहचान गायब करके भारत का अपमान किया गया है और यह अपमान ट्विटर इंडिया के चीफ राहील खुर्शीद ने किया है, राहील खुर्शीद कश्मीर के एक मुसलमान हैं इसलिए कहा जा रहा है कि अन्य कश्मीरी मुसलमानों की तरह शायद वे भी भारत को नहीं मानते, शायद वे भी खुद को भारतीय कहलाना पसंद नहीं करते, शायद उन्हें तिरंगा लगाने में शर्म आती होगी या उनके इस काम से पाकिस्तान और कश्मीरी पत्थरबाज नाराज हो जाएंगे इसलिए उन्होंने भारत के ट्विटर पेज से तिरंगा ही गायब कर दिया.
 राहील खुर्शील कश्मीर की आजादी चाहने वालों का समर्थन कर रहे हैं, भारत के टुकड़े टुकड़े करने वालों का समर्थन कर रहे हैं, अरुंधती रॉय, शेहला रशीद, कन्हैया कुमार, उमर खालिद, जैसे लोगों को प्रमोट कर रहे हैं इसलिए वे उन लोगों का अकाउंट बैन कर देते हैं जो आजादी गैंग पर हमला करते हैं, आज उन्होंने सिंगर अभिजीत का अकाउंट बैन करके ट्विटर पर भी जिहाद शुरू कर दिया है.
.अभिजीत का ट्विटर अकाउंट सस्पेंड किया गया अभिजीत के समर्थन में सोनू निगम ने ट्विटर छोड़ने का किया ऐलान फिर परेश रावल का ट्विटर अकाउंट सस्पेंड किया गया... अभिजीत ने जेएनयू छात्रसंघ की आतंकी समर्थक नेता शहला राशिद को आड़े हाथो लिया था और खूब बैंड बजाई थी ।
अभिजीत का ट्विटर अकाउंट सस्पेंड किए जाने से गुस्साए सोनू ने एक के बाद एक 24 ट्वीट करते हुए लिखा, 'मैं ट्विटर को छोड़ने जा रहा हूं। मेरे करीब 70 लाख फॉलोअर इससे मुझपर निराश और गुस्सा भी होंगे। लेकिन कुछ लोग इससे खुश भी होंगे।'




Wednesday, 24 May 2017

1962 के युद्ध में भारत के पास एक ऐसा भी वीर था जिसकी वीरता को चीन...ने भी सलाम किया
मित्रों आज हम आपको एक ऐसे वीर की गाथा सुनाने जा रहे हैं जो अपनी मात्र भूमि के लिए वीर गति को प्राप्त हो गया और जिसने अकेले ३०० चीनी सैनिकों को मर गिराया| जी हाँ मित्रों ३०० सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया था इस महावीर ने| इनका नाम है जसवंत सिंह रावत और यह एक उत्तराखंडी है|जसवंत सिंह के नाम पर एक गाँव का नाम जसवंतपुर भी है| इन्हें इनकी बहादुरी के लिए महावीर चक्र भी दिया गया| जिस युद्ध में ये शहीद हुए वो था " बैटल ऑफ़ नूरानांग"|
तेजपुर नूरानांग में रायफलमेन जसवंत सिंह के नाम का मंदिर चीन युद्ध में इनकी असाधारण वीरता का परिचायक है| यहाँ से गुजरने वाला हर व्यक्ति उनके मंदिर में "शीश" नवाता है| यहाँ आने वालों को उनकी शौर्य गाथा सुनाई जाती की किस तरह एक बंकर से दो श्तानिया लड़कियों की सहायता लेकर चीन की पूरी ब्रिगेड से वह 72 घंटे तक झूझते रहे| इनकी वीरता को चीन ने भी सलाम किया l भारत से नफरत करने वाले चीन ने इनका "तांबे" का "शीश" बनाकर भारत को सौंपा l ४ गढ़वाल रायफल का यह सेनानी केवल एक साल पहले ही सेना में शामिल हुआ था| सेना में इस वीर जवान का सम्मान यह है की शहादत के बाद भी उनकी पदोनित्ति की जाती है और प्रोटोकॉल भी उसी के हिसाब से दिया जाता है| इस समय उन्हें लेफ्टिनेंट जेनरल का पद मिला हुआ है l जसवंत सिंह के बंकर में उनका बिस्तर,पानी का लोटा-ग्लास इत्यादि हर रोज साफ़ किया जाता है| सेना की वहां मौजूद एक टुकड़ी उन्हें नियमानुसार सलामी देती है l promotion भी दिए गए salary भी इनकी attendance रोज लगती है भगवान का दर्जा इनको देते हैं सेनिक और इनका मंदिर भी है इनकी uniform arms ammunition भी रखे जाते हैं: इस अकेले सेनिक ने चीन के seniko की फौज से अकेले ही तीन दिन तक जंग छेड़े रखी अपनी अकलमंदी राष्ट्रभक्ति और जानबाजी से: मेरा इन्हे शत शत नमन